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नाबालिक के नवजात के मामले में नया मोड़,डिलीवरी के बहाने दिल्ली लेकर जाकर किया गया रेप

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कुछ पैसे देकर बन्द कराया मुह,पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर कर रही है पूछताछ

जौनपुर। सरायख्वाजा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला में एक नाबालिक को नवजात बच्ची का जन्म हुआ, जन्म होते हुए नाबालिक ने उसका सौदा कर दिया, लेकिन उसे मामले पर नया मोड़ आ गया है । गरीबी का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने पत्नी के डिलीवरी के नाम पर नाबालिक को एक साल पूर्व दिल्ली ले जाकर किया था रेप, जिस पर किशोरी ने सरायख्वाजा पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला मे अविवाहित नाबालिक ने नवजात बच्ची को जन्म दिया। जिसके बाद नाबालिक किशोरी ने किसी के स्टाफ नर्स के माध्यम से उसे बच्ची का सौदा करते हुए उसे बेच दिया, बाद में कई लोग उसके खरीदार सामने आ गए। जिस पर हंगामा हो गया अधिकारियों के संज्ञान में आते ही आते हुए दुधौरा गांव में बेची नवजात को फिर वापस मनाया गया ।चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर आनंद प्रकाश ने इस मामले की सूचना सरायख्वाजा पुलिस को दी । पुलिस ने पीङिता के निशानदेही पर जिसमें तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। उधर सीएमओ ने दो टीमों का गठन कर दिया । पिङिता ने कई अधिकारियों को अपनी पीङा बताते हुए वीडियो पर बयान दिया। पीङिता के बयान पर इस घटना के मामले पर नया मोड़ आ गया, एक वर्ष पूर्व तीन लोग पत्नी की डिलीवरी के बहाने व नौकरी के नाम पर दिल्ली लेकर गए थे। 9 महीना पहले और जहां उसके साथ कोल्ड्रीन्क में नशीला पदार्थ डाल कर उसके साथ रेप किया और इसके बाद होश आने पर वह समझ नहीं पाई उसके साथ क्या हुआ है । जब 4 महीने बाद पता चला को गर्भवती हो गई है और दिल्ली ले जाने वाले लोगों ने कुछ पैसे देकर उसे चुप कर दिया। उसके बाद वह गरीबी के चलते अपने गर्भ का सौदा की है और रविवार को इस हालत में पहुंच गई ।

नौकरी व पैसे के लालच में दिल्ली गई थी वहीं मेरे साथ दुराचार किया गया ,उसमें महिला समेत तीन लोग शामिल थे। जिस पर लिखित हमने पुलिस को तहरीर दे दिया है कार्रवाई की मांग की है

नाबालिक .पीङिता

नवोदित गायक कलाकार करन पार्थ हुए सम्मानित

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नवोदित गायक कलाकार करन पार्थ हुए सम्मानित

पूर्वांचल युवा महोत्सव में नवोदित गायक कलाकार करन पार्थ हुए सम्मानित

[शाहगंज] नगर के नवोदित गायक कलाकार करन पार्थ को जौनपुर में आयोजित पूर्वांचल युवा महोत्सव में उनके गायन के लिए सम्मानित किया गया। आयोजक ने सम्मानित करते हुए कहा कि हमारा यही प्रयास है कि जो भी पूर्वांचल की छिपी हुई प्रतिभाएँ है उनको सबके सामने लाया जाए। यह कार्यक्रम का दूसरा वर्ष है और हमें पूरी उम्मीद है कि हम आने वाले वर्षों में और भी भव्यता के साथ इस कार्यक्रम को प्रस्तुत करने का प्रयास करेगें। समाजसेवी और पूर्वांचल युवा महोत्सव की पदाधिकारी बिट्टू किन्नर ने करन पार्थ को अपना आशीर्वाद देते हुए कहा कि हमारी यही कामना है कि यह बच्चा खूब आगे जाए और अपने पिता का नाम रोशन करें।

सम्मान प्राप्त करने के बाद करन पार्थ ने कहा कि मैं पूर्वांचल युवा महोत्सव की पूरी टीम को दिल से धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने मुझे इतने बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। विशेष तौर से मैं श्री दिनेश तिवारी जी को धन्यवाद दूगा जो कि हम जैसे छोटे कलाकारों को इतना बड़ा मंच प्रदान करने के लिए पूर्वांचल युवा महोत्सव जैसे कार्यक्रम का आयोजन दो वर्षों से करते आ रहें हैं।आपको बताते चले कि करन पार्थ राम अवध गन्ना कृषक महाविद्यालय के बीए द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी करन पार्थ योग के क्षेत्र में भी बहुत सी उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

डीएम के विकास भवन पहुचते ही धन्वंतरि का नज़राना लेने वाले कर्मचारी घुसे शौचालय में

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विकास भवन मे जिलाधिकारी के पहुँचते ही,रसूखदार कर्मचारियों के फूलने लगे हाथ पांव

जौनपुर । दीपावली के दो दिन पूर्व डीएम डॉक्टर दिनेश चन्द्र ने केलेक्ट्रेट परिसर स्थित विकास भवन समेत अन्य विभागो का औचक निरीक्षण किया  ,धन तेरस के चलते विकास भवन के कुछ विभागों में रौनक थी ग्रामीण इलाकों से धनवंतरि पर नज़राना  लेकर पहुचे लोगो का अचानक जिलाधिकारी को सामने देख ब्लड प्रेशर ऊपर नीचे होने लगा इधर उधर भागने लगे  प्रत्यक्षदर्शियों के मुताविक विकास भवन के कुछ रसूखदार कर्मचारी डीएम को देखते ही शौचालय मे चले गए दरअसल त्योहार के शुभ अवसर पर  कर्मचारी उपहार लेते तो है ऊपरी कमाई तो करते ही है जो नीति के खिलाफ है,मंगलवार को विकास भवन पर अचानक डीएम साहब को देखते ही अफ़रातफ़री का माहौल हो गया ।

सर्व प्रथम  डीएम ने अपने कार्यालय से कलेक्ट्रेट स्थित प्रतिलिपि अनुभाग राजस्व अभिलेखागार (रिकार्ड रूम) पहुँचे थे उसके बाद विकास भवन  का औचक निरीक्षण करने पहुँचे थे , राजस्व अभिलेखागार  के निरीक्षण के दरम्यान डीएम ने देखा कि अव्यवस्थित पत्रावलियों का रख-रखाव, टूटे फर्नीचर, साफ-सफाई  देख कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल व्यवस्था ठीक कराने का निर्देश दिया , जिलाधिकारी ने रिकार्ड रूम में सीसीटीवी न होने पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सीसीटीवी लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो दिन के भीतर सभी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने लम्बित नकल के सम्बन्ध में जानकारी ली जिसमें आकडे़ अद्यतन पाये गये  इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयवर चौहान, अरैजंर सदर महमूद, प्रतिलिपिक समेत तामाम  अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने  विकास भवन स्थित कार्यालय दिव्यांगजन एवं सशक्तिकरण विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने करीब चार हजार आवेदन पत्र का आधार सीडिंग नही होना पाया, जिसपर उन्होंने कडी़ नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि 36 घण्टे के भीतर सभी आवेदनों पर आधार सीडिंग कराते हुए अवगत कराए। इसके साथ ही उन्होंने पेंशन लाभार्थियों के सन्दर्भ में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि 25 अक्टूबर  को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आधार प्रमाणीकरण हेतु लम्बित आवेदनों को निस्तारित करने के निर्देश दिये गये थे जिसके सापेक्ष आज की तिथि तक निस्तारित आवेदनों की संख्या कम पायी गयी, जोकि बेहद खेदजनक है जिस पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हए दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि जिला विकास अधिकारी के सहयोग से आधार प्रमाणीकरण कार्य को शीघ्र सम्पादित कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सुहानुभूतिपूर्वक कार्य करते हुए दिव्यांगजनों को विभाग के द्वारा दी जा रही सुविधाओं से संतृप्त कराया जाए। उन्हे कार्यालय के चक्कर न लगाने पडे़।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय मौजूद रही ।

संजीव साहू चुने गए प्रदेश कार्यवाहक युवा अध्यक्ष

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संजीव साहू चुने गए प्रदेश कार्यवाहक युवा अध्यक्ष
संजीव साहू चुने गए प्रदेश कार्यवाहक युवा अध्यक्ष

जौनपुर:भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा उत्तर प्रदेश की प्रांतीय बैठक रविवार को गांधी भवन लखनऊ के सभागार में संस्थापक संरक्षक राम नारायण साहू (पूर्व राज्यसभा सांसद) एवं प्रदेश अध्यक्ष राकेश राठौर गुरु नगर विकास राज्य मंत्री, प्रदेश युवा अध्यक्ष राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रमा शंकर साहू एवं प्रांतीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसमें अनिल गुप्ता को भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा जौनपुर के जिलाध्यक्ष एवं देवेंद्र साहू शेखर (शाहगंज) को जिला महामंत्री पद पर मनोनीत किया गया। इसके साथ ही संजीव साहू (अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी) युवा प्रकोष्ठ के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष बनाये गए।

जौनपुर के उक्त सभी पदाधिकारियों के चयन पर जौनपुर साहू समाज में खुशी की लहर व्याप्त है।तमाम साहू समाज के लोगों ने नव चयनित पदाधिकारी को बधाइयां दी हैं। लखनऊ से नगर वापस आने पर शाहगंज में जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता एवं जिला महामंत्री देवेंद्र साहू शेखर का शाहगंज नगर के जेसीज चौक पर भव्य स्वागत हुआ। जहां पर लोगों ने मीठा खिलाकर माला पहना कर स्वागत किया lशाहगंज में पूर्व अध्यक्ष पवन गुप्ता, महेंद्र साहू खुटहन, अखिल कुमार गुप्ता, लालचंद, विजय गुप्ता,प्रकाश, संजय विश्वजीत, सत्यम साहू, मनीष गुप्ता, विष्णु गुप्ता, विवेक गुप्ता, वेद प्रकाश जायसवाल, धीरज पाटिल, जौनपुर प्रेस क्लब शाहगंज के अध्यक्ष चंदन कुमार जायसवाल, शाहगंज स्क्वायर क्लब के अध्यक्ष विक्रम सिंह,प्रबंधक डॉक्टर आरिफ नदीम मंसूरी ,प्रदेश सचिव लालचंद यादव, संजय चौबे एडवोकेट, मिथिलेश नाग, नीरज मिश्रा , अनिल गुप्ता, हरिश्चंद्र आदि ने भव्य स्वागत किया।

नव चयनित पदाधिकारिओं के जौनपुर आगमन पर साहू कल्याण समिति के पदाधिकारिओं ने भी स्वागत किया। नव चयनित जिला अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि समाज के शैक्षिक, सामाजिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए संस्था कृत संकल्प है और इस दिशा में सार्थक प्रयास करेगी। इस अवसर पर श्री जयप्रकाश गुप्ता, संतोष कुमार गुप्ता कोषाध्यक्ष, अरविंद बैंकर, संतोष साहू बच्चा, शिव शंकर साहू, सभासद प्रतिनिधि यशवंत साहू, राजेश गुप्ता पत्रकार, ओम प्रकाश गुप्ता, ऋषि देव गुप्ता, योगेश साहू व्यापार मंडल, सिद्धार्थ साहू, विकास साहू विक्की, योगेश साहू सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

चंदन जायसवाल-

दायी ने बच्ची को पैसे पर बेच दिया

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दायी ने बच्ची को पैसे पर बेच दिया
दायी ने बच्ची को पैसे पर बेच दिया

नाबालिक किशोरी को बच्ची पैदा होने पर दायी ने बच्ची को पैसे पर बेच दिया

जौनपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला में हैरतअंगेज मामला सामने आया है। जिसमें एक नाबालिक ने नवजात बच्ची को जन्म दिया। जिसे प्रसूता के सहमति से दायी ने बच्ची को पैसे पर बेच दिया, लेकिन जब मामला संज्ञान में आया तो मामला बढ़ता देर रात तक पुन: बच्ची को वापस मंगवाया गया। बिना रजिस्टर में दर्ज किए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराया गया था।

मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने पर वापस नवजात को लाया गया,बिना रजिस्टर में दर्ज किया नाबालिक की हुई थी डिलीवरी

बता दें कि सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी को प्रसव के लिए शनिवार को करंजाकला की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया और रविवार की सुबह एक बच्ची को नाबालिक ने जन्म दिया, प्रसूता ने किसी कर्मी के माध्यम से बच्ची को दूसरे को बेचने के लिए संपर्क करने लगा । पङिता का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य में स्टाफ नर्स ने प्रसूता से 4 हजार का डिमांड किया न देने पर डिस्चार्ज से इन्कार किया। पैसे के लिए प्रसूता दाई के जरिए बच्ची को 10 हजार में दूधौड़ा गांव निवासी एक रिश्तेदार के हाथों बेच दिया। वह सुबह बच्ची को लेकर चला भी गया। इसके बाद बच्ची के खरीददार भदेठी की एक आशा ग्राहको को लेकर पहुंच गई ।लेकिन मामला बढ़ता देख वह वहां से खिसक गई इस दौरान शहर से भी बच्ची के खरीददार वहां पहुंचे थे। लेकिन बच्ची बिक जाने के बाद वह लौट गए। इधर जब शोर मचा तो मामला अन्य जिम्मेदारों के पास पहुंचा। मामला संज्ञान मे आते ही चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आन्नद प्रकाश ने फटकार लगाई, मामले की सूचना पुलिस को दी । इसके बाद बिकी हुई बच्ची को वापस मंगाया गया । रविवार रात तक नवजात वापस आई, लेकिन प्रसूता की मां का आरोप है कि स्टाफ नर्स बिना 4000 लिए डिस्चार्ज करने से मना कर दिया।

इसके बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ आनंद प्रकाश ने बिना रजिस्टर में दर्ज करने के मामले पर डिलीवरी करने का कारण पूछा और स्पष्टीकरण मांग लिया। उधर प्रसूता के परिजनो की माने किशोरी लोक लाज पैसों की जरूरत के चलते नवजात को बेचे जाने की बात स्वीकार की, क्योंकि बच्ची को जन्म देने वाली किशोरी अविवाहित है। मामले की जानकारी चिकित्सा प्रभारी ने पुलिस को सीएमओ को दे दी है।

मामला बहुत गंभीर है मेरे संज्ञान में आते ही मैं इस मामले की सूचना थानाध्यक्ष को लिखित दिया।और स्टाफ नर्सो से अन्य जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांग लिया है कि बिना रजिस्टर में दर्ज किए और हमें बिना सूचना दिए गए डिलीवरी कैसे कराई गई है ,इसे गंभीरता से लिया गया है आगे और कार्रवाई की जाएगी ।डॉ आनंद प्रकाश प्रभारी चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र कंरजाकला

भगवान चित्रगुप्त शोभायात्रा रथयात्रा की सफलता के लिए भक्तों ने रणनीति बनाई।

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3 नवम्बर को निकलने वाली भगवान चित्रगुप्त शोभायात्रा रथयात्रा की सफलता के लिए भक्तों ने रणनीति बनाई।

जौनपुर। पूरे देश में यमद्वितीय भगवान चित्रगुप्त पूजन 3 नवम्बर को मनाई जाएगी उसी क्रम में जौनपुर में 3 नवम्बर दोपहर 2 बजे बारी नाथ भगवान चित्रगुप्त मन्दिर उर्दू बाजार से दुपहिया वाहन शोभायात्रा जुलूस निकलने वाली की तैयारी बैठक कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट के मियापुर आवास पर सम्पन हुई जिसमे कायस्थ समाज के सभी संगठनो एवं भगवान चित्रगुप्त पूजन समिति के लोगो ने भाग लिया शोभायात्रा जुलूस में भगवान चित्रगुप्त जी की रथ होगा जिसपर भगवान की मूर्ति होगी एवं भजन साउंड साहित बैंड बाजा झांकी आदि शामिल होगी जो उर्दू बाजार शाही पुल ओलंदगंज होते हुए रूहटा स्थित भगवान चित्रगुप्त मन्दिर तक जाएंगी पूरे देश में यमद्वितीय भगवान चित्रगुप्त पूजन 3 नवम्बर को मनाई जाएगी।

कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एडवोकेट ने कहा कि वे सौभाग्य शाली है कि भगवान चित्रगुप्त पूजन के दिन दो प्राचीन भगवान चित्रगुप्त मन्दिर उर्दू बाजार भगवान चित्रगुप्त मन्दिर रूहटा में पूजन दर्शन का सौभाग्य होने जा रहा है। राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट ने कहा कि भगवान सबके हैं जो लोग भी कलम का उपयोग प्रयोग करते हो शोभायात्रा में शामिल हो। कार्यक्रम शोभायात्रा संयोजक राकेश श्रीवास्तव साधु, भाजपा नेता सुरेश अस्थाना ने कहा कि शोभायात्रा जुलूस में हजारों भगवान चित्रगुप्त के भक्त शामिल हो रहे है ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा। कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष दयाल सरन श्रीवास्तव, वरिष्ठ नेता राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि सभी संगठन एवं समाजसेवी संगठन के लोग भी भगवान चित्रगुप्त शोभायात्रा में शामिल होंगे। पूजन कार्यक्रम संयोजक गिरिजेश श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त के दोनों मंदिर में विधिवत पूजन किया जाएगा । वरिष्ठ नेता प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शोभायात्रा जुलूस का जगह जगह स्वागत किया जाएगा सभी लोग 3 नवम्बर शोभायात्रा में शामिल हो। गौरव श्रीवास्तव राजा अजय वर्मा अज्जू ने कहा कि सामाजिक संगठन भी भगवान चित्रगुप्त शोभायात्रा में समर्थन दिए हैं। सभी लोग को कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई।

तैयारी बैठक में डॉ संजय श्रीवास्तव विनय श्रीवास्तव, विश्व प्रकाश श्रीवास्तव दीपक पत्रकार, संतोष श्रीवास्तव प्रदीप श्रीवास्तव राकेश श्रीवास्तव युवा जिलाध्यक्ष, सौरभ श्रीवास्तव अनीस श्रीवास्तव अनिल श्रीवास्तव रवि श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, चंद्रमोहन श्रीवास्तव शशि श्रीवास्तव प्रशांत पंकज श्रीवास्तव, रितेश श्रीवास्तव अभिषेक श्रीवास्तव रोहित श्रीवास्तव अमित श्रीवास्तव रथ प्रभारी, संदीप श्रीवास्तव उमेश श्रीवास्तव, संतोष निगम अनुपम श्रीवास्तव विजय अस्थाना आलोक वर्मा, सोम श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव एडवोकेट आदि लोग मौजूद रहे।

पूर्व गृहराज्यमंत्री पूर्व लोक सभा प्रत्याशी,कृपा शंकर सड़क दुर्घटना में घायल

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जौनपुर। महाराष्ट्र सरकार में पूर्व गृहराज्यमंत्री रहे 73 लोकसभा जौनपुर के पूर्व भाजपा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह की गाड़ी का आज सुबह जौनपुर वाराणसी मार्ग पर अमूल डेयरी के पास एक्सीडेंट हो गया।

बताया जा रहा है कि कृपा शंकर सिंह रविवार को मुंबई से जौनपुर के सिद्धार्थ उपवन लान में आयोजित पूर्वांचल युवा महोत्सव मे आये हुए थे।

आज अपनी फार्च्यूनर गाड़ी संख्या up 62 CY 0018 से आवास से दिल्ली जाने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट जा रहे तभी जौनपुर बाबतपुर के मध्य अमूल डेयरी के पास एक गाय आ गई गाय को बचाने के लिए ड्राइवर ने ब्रेक लगाकर गाड़ी को नियंत्रित करना चाहा परंतु तब तक उनकी गाड़ी आगे जा रही पुलिस की गाड़ी से जोर से टकरा गई ,वे पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ है झटके के चलते उनकी कमर में थोड़ा दर्द है। पुलिस की गाड़ी में बैठकर बाबतपुर एयरपोर्ट पहुचे दिल्ली के लिए रवाना हुए।

दीपोत्सव पर्व पर दीप बनाओ प्रतियोगिता मे छात्राओं ने लिया भाग

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सामाजिक संस्था लायंस क्लब शाहगंज स्टार के अध्यक्ष मनीष अग्रहरि जन्मदिन का अनोखा
रूप प्रस्तुत किया कस्तूरबा में आयोजित किया दीपोत्सव

कस्तूरबा की छात्रा ने इस दीपोत्सव पर्व पर दीप बनाओ प्रतियोगिता , नृत्य प्रतियोगिता ,रंगोली प्रतियोगिता आदि में प्रतिभाग कर जीते पुरस्कार

शाहगंज , जौनपुर, नगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शाहगंज में दीपोत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया बनाया गया आप को बता दे कि अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संस्था लायंस क्लब शाहगंज स्टार के अध्यक्ष मनीष अग्रहरि एवम् कार्यक्रम संयोजक डॉ.आर के कस्तूरबा में दीपोत्सव पर्व कस्तूरबा की छात्रा के बीच उनका उत्साह वर्धन करते हुए मनाया । साथ विद्यालय की छात्राओं ने इस दीपोत्सव पर्व में दीप बनाओ प्रतियोगिता , नृत्य प्रतियोगिता ,रंगोली प्रतियोगिता , वेशभूषा प्रतियोगिता आदि में प्रतिभाग कर पुरस्कार जीता।

पर्व का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत में छात्राओं के स्वागत गीत से हुआ। और उसके कार्य के बारे विस्तार से जानकारी दी। विद्यालय की वार्डन एकता नीलम कस्तूरबा विद्यालय के बारे में जानकारी दी । इस के बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । जिसमे दीप सजाओ में प्रतियोगिता में मानवी,रंगोली प्रतियोगिता में, रानी ,मानवी नृत्य प्रतियोगिता में रानी सज सज्जा में चंदा,प्राची, सृष्टि ,श्रेया गणेश पूर्ति निर्माण में मोनी,भेष भूषा मानसी छात्राएं विनर रही। साथ ही आकांक्षा ,साक्षी काजल,दिव्यांशी आदि ने महत्वपूर्ण सहयोग किया ।सभी विनर छात्राओं को अध्यक्ष मनीष अग्रहरि कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर आरके वर्मा ने सभी पदाधिकारी के साथ मिलकर पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया।

इस के पश्चात लायंस क्लब शाहगंज स्टार अध्यक्ष मनीष अग्रहरि ने अपने जन्म दिन पर छात्राओं के साथ की काटा और फैशन फर्स्ट के सौजन्य उपहार स्वरूप में सभी लगभग 95 छात्राओं को अंग वस्त्र दिया। दीपोत्सव पर्व का भव्य समापन जमकर आशीर्वाद जी के साथ को आतिशबाजी देख बच्चों के चेहरे खुशी से खेलते हैं इसके पश्चात सभी पदाधिकारी ने छात्राओं के साथ भोजन किया और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
इस कार्यक्रम का संचलन मनोज जायसवाल, और आभार प्रदर्शन सह कार्यक्रम संयोजक दीपक सिंह पत्रकार ने व्यक्त किया। इस दीपोत्सव को सफल बनाने में पूर्व अध्यक्ष एम जे एफ ला.मनोज जायसवाल,मनोज पांडेय सचिव, लायन सतीश गुप्ता,,लायन डॉक्टर रफीक फारुकी, ,डॉ.लायन राहुल वर्मा लायन रविकांत जायसवाल,लायन मनीष श्रीवास्तव,लायन अंकित गुप्ता (रोमिल)लायन डॉ हरिओम मोर्य ।


चंदन त्रिपाठी,डॉ राहुल गुप्ता चंदन अग्रहरि, के साथ विद्यालय परिवार किरण मौर्य, प्रियंका सिंह, अल्पना सिंह, अंकिता शुक्ला, आशीष राय, दशरथ मौर्या, इद्रावती, विद्या, प्रतिभा आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दुर्गा सिटी हास्पिटल व ट्रामा सेण्टर के सौजन्य से हुआ क्रिकेट मैच

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दुर्गा सिटी हास्पिटल व ट्रामा सेण्टर के सौजन्य से हुआ क्रिकेट मैच

जौनपुर। दुर्गा सिटी हास्पिटल व ट्रामा सेण्टर के प्रोपराइटर डा-आलोक कुमार यादव की अगुवाई में पूर्वांचल के मैदान में क्रिकेट मैच का फाइनल मैच हुआ। फाइनल में पहुचीं दोनों टीम ने दमदार प्रदर्शन किया। टास जीत कर कैप्टन आदेश की टीम ने पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। आदेश की टीम ने पन्द्रह ओवर में एक सौ बासठ रन का स्कोर बनाकर अपोजिट टीम को एक सौ तिरसठ रन का लक्ष्य रखा। दूसरी टीम के कैप्टन विनोद की साथ मैदान में उतरी टीम चौदह ओवर में लक्ष्य प्राप्त कर दो विकेट से मैच जीत लिया।


डा-आलोक कुमार यादव ने बातचीत में उन्होंने बताया कि इस मैच से जो भी फंड मिलेगा वो दीपावली के अवसर पर बृद्धाश्रम में मिठाई व पटाखे बांट कर उनकी खुशियों में शरीक होगें।

महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और मीडिया की भूमिका

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महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और मीडिया की भूमिका
महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और मीडिया की भूमिका

महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और मीडिया की भूमिका

महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा आज के समाज का एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। यह समस्या न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। शारीरिक,मानसिक,यौन, भावनात्मक, और साइबर उत्पीड़न जैसी हिंसाओं का सामना महिलाओं को हर दिन करना पड़ता है। महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान की सुरक्षा के लिए भले ही कई कानून और नीतियां बनाई गई हों, लेकिन इस समस्या का समाधान आज भी दूर की कौड़ी लगता है। इस संदर्भ में, मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मीडिया समाज का दर्पण माना जाता है, जो हमें रोजमर्रा की घटनाओं से अवगत कराता है और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाता है। महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा के मुद्दे पर मीडिया की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि वह इस विषय पर जागरूकता फैलाने, पीड़िताओं को न्याय दिलाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम योगदान दे सकता है।

महिलाओं के खिलाफ हिंसा कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से समाज का हिस्सा रही है। घरेलू हिंसा से लेकर बलात्कार, यौन उत्पीड़न, एसिड अटैक, ऑनर किलिंग, दहेज हत्या, और अब साइबर अपराध जैसे नए रूपों में यह समस्या सामने आ रही है। जैसे घरेलू हिंसा महिलाओं के खिलाफ सबसे आम और छिपी हुई हिंसा का रूप है। यह हिंसा न केवल शारीरिक रूप में होती है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न भी इसमें शामिल होता है। महिलाओं को पति, ससुराल वालों या कभी-कभी अपने ही परिवार के अन्य सदस्यों से हिंसा का सामना करना पड़ता है। भारत में घरेलू हिंसा कानून के बावजूद, महिलाएं अक्सर इसे रिपोर्ट करने से कतराती हैं, क्योंकि इसे समाज में परिवार की इज्जत से जोड़ा जाता है।

बलात्कार और यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह हिंसा महिलाओं के आत्मसम्मान, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा आघात करती है। एक समाज के रूप में हमारी विफलता यह है कि हम पीड़िता पर ही सवाल उठाते हैं, उसके चरित्र को दोषी ठहराते हैं, जबकि अपराधी खुली हवा में घूमते हैं। तकनीकी प्रगति के साथ, साइबर स्पेस में भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा के नए रूप सामने आए हैं। ऑनलाइन उत्पीड़न, ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरों या वीडियोज को बिना सहमति के पोस्ट करना, और उन्हें सोशल मीडिया पर धमकाना आम हो गया है। साइबर अपराध की शिकार महिलाएं अक्सर मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या तक के कगार पर पहुंच जाती हैं।

भारत में दहेज प्रथा और ऑनर किलिंग जैसी समस्याएं अब भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा के प्रमुख कारणों में से एक हैं। दहेज के कारण महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, और कई बार उन्हें जलाकर मार भी दिया जाता है। वहीं, ऑनर किलिंग समाज की खोखली मान्यताओं और पितृसत्ता के कारण होती है, जहां महिलाओं को अपनी पसंद से शादी करने की सजा दी जाती है। यदि हिंसा के कारण की बात करें को निम्नलिखित बातें उभर कर सामने आती है। उसमें सबसे प्रमुख पितृसत्तात्मक समाज है, हमारे समाज में पितृसत्तात्मक ढांचा आज भी मजबूत है। महिलाओं को पुरुषों के अधीन और उनकी संपत्ति के रूप में देखा जाता है। यही मानसिकता हिंसा का कारण बनती है। शिक्षा की कमी व शिक्षा का अभाव भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देता है। अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे लोग अक्सर महिलाओं को समान अधिकार देने के विचार को स्वीकार नहीं कर पाते। वही कानून का कमजोर कार्यान्वयन भले ही हमारे देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून हैं, लेकिन उनका कार्यान्वयन कमजोर है। अपराधियों को सजा देने में देर होती है, जिससे न्याय प्रणाली पर सवाल उठते हैं और अपराधी बेखौफ हो जाते हैं। समाज में विकृत मानसिकता भी कई बार समाज की मानसिकता ही महिलाओं के प्रति हिंसा को बढ़ावा देती है। उदाहरण के लिए, महिलाओं के पहनावे, उनकी स्वतंत्रता और उनके निर्णयों को लेकर समाज में आलोचना की जाती है।

ऐसे में मीडिया, जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, का समाज पर गहरा प्रभाव होता है। यह न केवल घटनाओं की जानकारी देता है, बल्कि समाज को जागरूक करता है और सोचने का तरीका बदलता है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के संदर्भ में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैसे- सूचना का प्रसार और जागरूकता के रूप में देखें तो मीडिया की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सूचना का प्रसार और जागरूकता फैलाने की है। जब मीडिया हिंसा की घटनाओं को प्रमुखता से रिपोर्ट करता है, तो यह समाज को उस घटना से अवगत कराता है। इसके साथ ही, मीडिया का काम लोगों को जागरूक करना भी है, ताकि वे महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को पहचान सकें और उसके खिलाफ आवाज उठा सकें। इसके साथ ही साथ पीड़िता की पहचान की सुरक्षा को ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। अक्सर यह देखा गया है कि मीडिया हिंसक घटनाओं को सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत करता है, जिससे पीड़िता की पहचान और गरिमा खतरे में पड़ जाती है। विशेष रूप से यौन हिंसा के मामलों में, मीडिया को पीड़िता की पहचान गोपनीय रखनी चाहिए और रिपोर्टिंग में संवेदनशीलता बरतनी चाहिए तथा चरित्र हनन से बचाव करना चाहिए। वह किसी पीड़िता का चरित्र हनन न करे। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की रिपोर्टिंग करते समय, मीडिया को उनके चरित्र पर सवाल उठाने या उनकी व्यक्तिगत जिंदगी में झांकने से बचना चाहिए और सकारात्मक कहानियों का प्रसार करें। मीडिया को केवल हिंसा की घटनाओं को रिपोर्ट करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे महिलाओं की सकारात्मक कहानियों को भी प्रमुखता से दिखाना चाहिए। ऐसी कहानियां, जो महिलाओं के सशक्तिकरण, उनके संघर्ष और उनकी उपलब्धियों को उजागर करती हैं, समाज में एक सकारात्मक प्रभाव डालती हैं और महिलाओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देती हैं। वर्तमान समय मे सोशल मीडिया का युग चल रहा है और यह एक सशक्त माध्यम बन चुका है। यहां पर हिंसा के खिलाफ तेजी से अभियान चलाए जा सकते हैं और महिलाओं के समर्थन में आवाज उठाई जा सकती है। मीडिया को सोशल मीडिया का सकारात्मक तरीके से उपयोग करना चाहिए ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और उनके खिलाफ हो रही हिंसा पर रोक लग सके इसके अलावा मीडिया को जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करनी चाहिए। इसे सनसनीखेज बनाने की बजाय, उसे तथ्यों पर आधारित और संतुलित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। मीडिया को हिंसक घटनाओं की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि समाज में सही संदेश जा सके और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैल सके।

अक्सर यह भी देखने को मिलता है कि मीडिया और संवेदनशीलता की कमी के कारण मीडिया की आलोचना की जाती है। वह कई बार महिलाओं के खिलाफ हिंसा को सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत करता है। जैसे कि- हिंसा की घटनाओं का गलत चित्रण प्रस्तुत करते है? कुछ मीडिया चैनल या प्रकाशन हिंसा की घटनाओं को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि वे पीड़िता को दोषी ठहराने या घटना को महज मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं। इससे समाज में हिंसा के प्रति संवेदनशीलता कम होती है और पीड़िताओं को न्याय मिलने में मुश्किल होती है। कई बार मीडिया बिना तथ्यों की पुष्टि किए फर्जी खबरें चलाता है, जिससे न केवल पीड़िता की छवि खराब होती है, बल्कि समाज में गलत धारणाएं भी बनती हैं। मीडिया को सटीक और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग करने की जरूरत है ताकि समाज में सही संदेश जा सके। अगर मीडिया हिंसक घटनाओं को केवल सनसनीखेज खबर के रूप में प्रस्तुत करता है, तो इससे समाज में यह धारणा बन सकती है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा कोई बड़ी बात नहीं है। इससे समाज में संवेदनशीलता की कमी हो सकती है।

हाल के वर्षों मीडिया ने कई सकारात्मक कदम भी उठाए हैं, जिससे महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दों को सही ढंग से उठाया गया है। उदाहरण के लिए निर्भया कांड (2012), दिल्ली में हुए इस जघन्य अपराध के बाद मीडिया ने इस घटना को प्रमुखता से उठाया और पूरे देश में इसके खिलाफ गुस्से की लहर दौड़ गई। मीडिया की रिपोर्टिंग ने सरकार को इस मुद्दे पर सख्त कानून बनाने के लिए मजबूर किया।

लेखक- अज़ीम सिद्दीक़ी (पत्रकार)
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